आज रक्षाबंधन नहीं था, पर संदीप की कलाई पर राखी थी आज रक्षाबंधन नहीं था, पर संदीप की कलाई पर राखी थी
वसुधा ने बांध दिया जगत को, सार नहीं पर पार नहीं। वसुधा ने बांध दिया जगत को, सार नहीं पर पार नहीं।
विलास अपने मुंगेर के दिनो में ही एम.ए की एक सहपाठी लक्ष्मी को मन ही मन चाहने लगा था. विलास अपने मुंगेर के दिनो में ही एम.ए की एक सहपाठी लक्ष्मी को मन ही मन चाहने लगा...
नदी के दो किनारों से बहते यूँ तो आ गए पास कितने नदी के दो किनारों से बहते यूँ तो आ गए पास कितने
गोबिंन्द और सुमन, जो अनजाने में एकदूसरे से प्रेम कर बैठे. न सुमन को पता चला और न गोबिन्द को. लेकिन... गोबिंन्द और सुमन, जो अनजाने में एकदूसरे से प्रेम कर बैठे. न सुमन को पता चला और ...
आस्था ने अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया। और हम एक-दूसरे का सहारा बन, मंदिर की सीढ़ियां चढ आस्था ने अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया। और हम एक-दूसरे का सहारा बन, मंदिर की सीढ़...